मेयर चुनाव के लिए आखिरी मौके पर हो सकता है नामांकन

Screenshot_20240415-092811.pngमेयर चुनाव के लिए आखिरी मौके पर नामांकन पत्र दाखिल होने की संभावना है। केजरीवाल की गिरफ्तारी से सहमी आम आदमी पार्टी ने अब तक इस चुनाव को लेकर पत्ते नहीं खोले हैं। वहीं भाजपा भी इस मामले में कोई पहल करती नजर नहीं आ रही है। 26 अप्रैल को चुनाव होने हैं और 18 अप्रैल नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख है। ऐसे में ऐन मौके पर नामांकन होने की संभावना बन रही है।

सीएम अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी कुछ हद तक बैकफुट पर है। भाजपा को दिल्ली की सत्ता से बाहर रखने के लिए आम आदमी पार्टी-कांग्रेस ने हाथ मिलाया है। दिल्ली में लोकसभा चुनाव के लिए आप-कांग्रेस के बीच 4-3 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया गया है, जबकि मेयर चुनाव में भी इन दोनों दलों ने गठबंधन करने की तैयारी कर ली है। लेकिन सिविक सेंटर से खबर आ रही है कि आम आदमी पार्टी को अपनी पार्टी के पार्षदों के टूटने की आशंका है।

आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री राज कुमार आनंद के पार्टी और मंत्री पद से ये कहते हुए इस्तीफा देना कि आप गले तक भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। वह भ्रष्ट लोगों के साथ काम नहीं कर सकते। दिल्ली के एक मंत्री का इस तरह से खिलाफत करना पार्टी को भारी पड़ रहा है। सूत्रों की मानें तो राजकुमार आनंद के संपर्क में आप के कई पार्षद हैं, जो ऐन मौके पर पार्टी का दामन छोड़ सकते हैं। लेकिन अभी तक ये बात साफ नहीं हुई है कि यदि आप पार्षद पार्टी छोड़ते हैं तो वे किस तरफ जाएंगे। आप का कोई भी वरिष्ठ नेता मेयर चुनाव पर अभी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।

ऑपरेशन लोटस के आरोप से बचेगी भाजपा
भाजपा ने भी मेयर चुनाव पर चुप्पी साध रखी है। सूत्र कहते हैं कि लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा आप पार्टी के पार्षदों को तोड़कर मेयर चुनाव में शामिल होने से बचना चाह रही है। क्योंकि यदि ऐसा हुआ तो भाजपा पर आप द्वारा लगने वाला ऑपरेशन लोटस का आरोप सही साबित हो जाएगा और जनता के बीच भाजपा की गलत छवि उभरेगी। ऐसे में मेयर चुनाव के लिए नामांकन भरने की आखिरी तारीख से पहले चार दिन खासा दिलचस्प रहेंगे।

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