साइबर क्राइम कराने में वांछित, तीन अपराधी तीन सौ फर्जी सिम सहित गिरफ्तार

in #mathura2 months ago

IMG-20240227-WA0020.jpg

मथुरा। राजस्थान और उत्तर प्रदेश की सीमा के मथुरा में साइबर क्राइम अपराधियों के लिए सिमकार्ड उपलब्ध कराने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गोवर्धन पुलिस ने सकरवा बाईपास चौराहे गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी विजय गंगवार, करण गंगवार और शिवम मिश्रा है। ये तीनों अपराधी बरेली के रहने वाले हैं। यह तीनों फर्जी तरीके से सिम प्राप्त कर साइबर अपराधियों को बेचने का काम करते थे। पुलिस ने उनके पास से 304 सिम कार्ड अलग-अलग कंपनियों के बरामद किए हैं। पुलिस की पकड़ में आए आरोपियों ने बताया कि वह लोग ग्राहक को गुमराह कर उनकी KYC कराकर एक सिम उनको दे देते। और एक सिम ग्राहक को आधार कार्ड द्वारा लगाकर एक्टिवेट कर लेते थे। आरोपी फर्जी आधार कार्ड तैयार करते थे। उसकी मदद से सिम कार्ड इशू हो जाता था। इन सिम को राजस्थान में सक्रिय साइबर अपराधियों को 1500 से लेकर 2 हज़ार प्रति सिम के हिसाब से बेच देते थे।

पकड़े गए बरेली के आरोपियों ने जनवरी में 110 सिम कार्ड एक्टिवेट कर यूनिस को और 100 सिम कार्ड इरफान और नियाजु को बेचे थे। यूनिस इरफान और नियाजु सोशल मीडिया के जरिए राजस्थान के लोगों से संपर्क किया था। साइबर अपराधी फर्जी सिम लेने के बाद सोशल मीडिया पर लूटपाट,रिसेलिंग पोर्टल पर ठगी सेक्सटॉर्शन के जरिए मोटी रकम लगने का काम करते है। साइबर अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए उनके घर में घुसने के लिए उत्तर प्रदेश राजस्थान और हरियाणा के पुलिस अधिकारियों के बीच एक मीटिंग हुई थी। इसके बाद साइबर अपराधियों की फिशिंग राजधानी में घुसने के पुलिस के रास्ते धीरे-धीरे साफ होने लगे हैं। इसी का नतीजा रहा कि पुलिस ने इन तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया। उत्तर प्रदेश हरियाणा राजस्थान की त्रसंधि इलाका भरतपुर डीग, पलवल और मथुरा जिले का बड़ा भूभाग है। जो इन दोनों देश की फिसिंग राजधानी बन चुका है। फेसबुक इंस्टाग्राम एक्स यूट्यूब लिंकइन टेलीग्राम और व्हाट्सएप तक नेट वर्किंग दुनिया फैली है। जिस जगह से ऑनलाइन ठगी करने के लिए साइबर अपराधी अपने शिकार को चारा डालते हैं। मथुरा पुलिस की ग्रुप में आए युवकों के पकड़े जाने से पुलिस को साइबर अपराधियों के इलाके में घुसने का रास्ता मिल सकता है।