डॉ. अमित द्विवेदी को मिल रहा संस्कृत का दुलार, उप्र संस्कृत संस्थान देगा सम्मान

in #hardoi20 days ago

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हरदोई:- जनपद के पंचनद कटरी हरपालपुर के गाँव श्यामपुर के मूल निवासी संस्कृतज्ञ डॉ. अमित द्विवेदी को उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान, लखनऊ की ओर की ओर से संस्कृत सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। इस संस्कृत सम्मान के साथ 11 हजार रूपये की धनराशि भी डा. द्विवेदी को प्रदान की जाएगी। संस्कृत सम्मान के केन्द्र में उनकी पुस्तक 'ब्रह्मपुराण का समाजशास्त्रीय अनुशीलन' शामिल है। अभी तक उनकी पांच कृतियां प्रकाशित हो चुकी है और वह संस्कृति और भारतीय संस्कृति दोनों के लिए समर्पित है।इस संस्कृत सम्मान के लिए डा. दिवेदी का चयन होने पर पंचनद संयोजक अवनिकांत वाजपेयी, श्री सरस्वती सदन की लाइब्रेरियन सीमा मिश्र, पूर्व एडीजीसी अनिल मिश्र, शिक्षक संघ के अवधेश मिश्र सहित शिक्षा और साहित्य से जुड़े लोगों ने खुशी जताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। कहा डा. द्विवेदी के रूप में यह हरदोई और संस्कृति का सम्मान है इससे संस्कृत और पल्लवित होगी। प्रदेश सरकार के अंतर्गत संचालित उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान लखनऊ की ओर से सम्मानित होने वाले जिन 46 संस्कृतज्ञों का चयन किया गया है उनमें जनपद के डा. द्विवेदी का नाम भी शामिल है। डा. अमित द्विवेदी वर्तमान में डीएवी डिग्री कालेज, कानपुर में संस्कृत विभाग में एसोसिएशन प्रोफेसर हैं। सुभाषनगर हरदोई में रह रहे उनके पिता सुरेश द्विवेदी बैंक प्रबंधक रहे हैं। एसोसिएशन प्रोफेसर डा. द्विवेदी के ताऊ बद्री विशाल स्नातकोत्तर महाविद्यालय फरूखाबाद के प्राचार्य रहे डा. शिवबालक द्विवेदी का नाम देश के प्रख्यात संस्कृतज्ञों में शामिल है।एसोसिएट प्रोफेसर डा. अमित द्विवेदी को इसके पूर्व भी राज्य पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है और राज्यपाल द्वारा भी दो बार संस्कृत सम्मान प्रदान किया जा चुका है। संस्कृतज्ञ डा. द्विवेदी की आकाशवाणी लखनऊ से कई बार संस्कृत वार्ताएं भी प्रसारित हो चुकीं हैं। संस्कृतज्ञ डा. द्विवेदी ने यह सम्मान अपनी मां सुमन द्विवेदी को समर्पित किया है। संस्कृतज्ञ डा. द्विवेदी का कहना है कि भारतीय ग्रन्थों और दर्शन सहित धर्म-संस्कृति को समझने के लिए पहले संस्कृत को समझना आवश्यक है। उनका मानना है कि संस्कृत समन्वय और संस्कार की भाषा है।