श्री राम के वन गमन से दुखी हुए पुरवासियों ने किया विलाप

in #hardoi20 days ago

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हरदोई :- नुमाइश रामलीला मेला मैदान में पुरवसियों का मिलाप लीला का मंचन गोविंद गोपाल लीला संस्थान के संचालक स्वामी कन्हैया लाल दन्त्रेय के निर्देशन में हुआ। आज मंचित हुआ कि प्रभु श्री राम माता कौशल्या के महल में होते हैं। उधर जब माता-सीता को पता चलता है कि राम जी वन को जा रहे हैं तो माता सीता माता कौशल्या के महल में पहुंच जाती हैं। माता के पैर पकड़कर प्रभु श्री राम के साथ जाने की बात कहती हैं तो प्रभु श्री राम बहुत प्रकार से माता सीता को समझाते हैं लेकिन माता-सीता नहीं मानती हैं और प्रभु श्री राम के साथ वन के लिए चल देती हैं। इधर जब लक्ष्मण जी को पता चला तो लक्ष्मण जी भी प्रभु श्री राम के पास जाते हैं और उनसे वन जाने के लिए बोलते हैं तो राम जी लक्ष्मण जी को भी बहुत प्रकार से समझाते हैं। लक्ष्मण जी श्री राम जी की एक बात भी नहीं सुनते हैं तो राम जी उनसे कहा कि अपनी माता से आज्ञा लेकर आओ तो तुरंत लक्ष्मण जी अपनी माता सुमित्रा के पास जाते हैं और राम जी के वन जाने की बात बताते हैं तो माता मूर्छित हो जाती हैं। फिर लक्ष्मण जी राम जी के साथ वन जाने की बात कहते हैं तो उन्हें प्रेम से आज्ञा दे देती हैं और कहती हैं कि राम की सेवा में कभी कोई कमी नहीं आए। लक्ष्मण जी अपना यज्ञोपवीत पकड़कर प्रतिज्ञा करते हैं कि जब तक राम जी वन में रहेंगे तब तक मैं सोऊंगा नहीं। उसके बाद लक्ष्मण जी राम जी के पास पहुंच जाते हैं। श्री राम, माता सीता व लक्ष्मण जी माता कैकेई व राजा दशरथ को प्रणाम करके वन की यात्रा प्रारंभ करते हैं। यह सब देखकर पुरवासी बड़े दुखी हुए और विलाप करने लगे और उन्हीं के साथ वन जाने लगे। यह मंचन देखकर भक्त भावुक हो जाते हैं।
मंचन के दौरान राम प्रकाश शुक्ला, कृष्ण अवतार दीक्षित 'बाले', प्रेम शंकर द्विवेदी, राकेश गुप्ता, अमलेन्द्र नाथ मिश्रा 'मांटी बाबू', जीतेश दीक्षित, उमेश चन्द्र मिश्र, राजेन्द्र त्रिवेदी, रजनीश श्रीवास्तव, सतीश चन्द्र, सर्वेश त्रिपाठी, सहित सैकड़ों गणमान्य नागरिक व महिलाएं उपस्थित रहीं।