आखिर बच्चों की क्या गलती थी...यह सुनियोजित हत्या है...

in #sitapur2 months ago

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सीतापुर। मृतक अनुराग कुमार सिंह के ससुरालीजनों ने घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतका प्रियंका सिंह के भाई लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार निवासी अंकित सिंह का आरोप है कि यह पूरी घटना एक सुनियोजित हत्या है...। साफ-साफ पता चल रहा है कि मेरे बहनोई अनुराग के बड़े भाई अजीत और उसके साथ दो-तीन अज्ञात लोगों ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया है। इतनी बड़ी घटना को कोई अकेला व्यक्ति अंजाम नहीं दे सकता। इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे अंकित ने बताया कि मेरी बहन प्रियंका की हत्या की गई है। बहन की सास को हथौड़ी से मारा गया। मेरी दो भांजियों और भांजे को छत से फेंका गया और तड़पने दिया गया। इतने बड़े घर में इन बच्चों को उठाने कोई नहीं आता है। मेरी एक भांजी को पौन घंटे बाद ग्रामीण उठाकर अस्पताल ले गए। उसने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया।
लखनऊ ले जाते समय रास्ते में भांजे की सांसें भी थम गईं। अंकित ने बताया कि सुबह छह बजे लखनऊ में रहने वाली एक अन्य बहन ने उन्हें इस घटना की सूचना दी। उन्हें भी किसी रिश्तेदार ने बताया था, जब वहां पहुंचा तो मंजर देखकर दंग रह गया। ...चारों तरफ खून और लाशें थीं। अंकित ने इस मामले की निष्पक्ष जांच करने व दोषियों को सजा देने की मांग की।मेरे बहनोई मनोरोगी नहीं थे... पुलिस की थ्योरी गलत
अंकित सिंह ने कहा कि पुलिस मेरे बहनोई अनुराग सिंह को मानसिक बीमार बता रही है। यह सरासर गलत है। यह सीधा मामला प्रापर्टी के विवाद का है। आरोप लगाया कि बहनोई अनुराग सिंह शरीफ व्यक्ति थे। परिवार संपन्न था। उनके पास अवैध असलहा मिलना संदिग्ध प्रतीत होता है। ऐसा व्यक्ति अवैध असलहा, हथौड़ी रखेगा और इस तरह की घटना करेगा। यह गले नहीं उतर रहा है।
अगर एक पल के लिए यह मान भी लिया जाए कि दोनों चीजें जीजा अनुराग सिंह के पास मौजूद थीं तो बाकी घर के लोग तो नशे में नहीं थे, किसी को क्यों नहीं दिखा। उन्होंने बताया कि शुक्रवार रात 8 बजे प्रापर्टी को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद देर रात यह घटना हुई। मान लिया जाए कि किसी भी तरह का विवाद हुआ तो क्या विवाद बच्चों से था। ऐसा नहीं हो सकता। यह एक सुनियोजित हत्या है।